हेलो दोस्तों, मैं आपकी अपनी सपना एक और कहानी लेकर आई हूँ जो कबीर की है जिसका नाम “खुले आम करते थे माँ बेटे चुदाई – daily sex with hot mommy” है। मुझे पता है कि यह आपको बहुत पसंद आएगी।
मैं बाथरूम की तरफ़ बढ़ा, अपने कमरे से कपड़े लिए। कॉमन बाथरूम का दरवाज़ा हाथ लगाते ही एक बात याद आई – इस बाथरूम का दूसरा मुँह दीदियों के कमरे में खुलता है। सुबह-सुबह लॉक की आदत अभी भी नहीं थी।
दरवाज़ा खोला।
शावर चल रहा था। भाप भरी थी।
रिया दीदी पानी के नीचे खड़ी थीं।
पूरा बदन नंगा। मुँह दूसरी तरफ़ था, गांड मेरी तरफ़। (daily sex with hot mommy)
संगमरमर जैसी गोरी त्वचा। फिगर 32DD-28-34। एक हाथ नीचे था।
यहाँ पढ़ें कहानी से पहले क्या हुआ – horny mom fucking story (Part 2)
उँगली उनकी अपनी चूत में अंदर-बाहर हो रही थी।
आँखें बंद थीं। उन्हें पता भी नहीं चला कि दरवाज़ा खुला है।
मैं दहलीज़ पर रुक गया। लंड जो सुबह नरम होकर सोया था, फिर तन गया।
दीदी की उँगली की रफ़्तार धीमी थी, जैसे जल्दी में न हों, जैसे रात की कोई बात दोहरा रही हों।
उनके होठों पर वही दबी आह थी जो कभी दीवार के उस पार से आती थी।
मैं कुछ सेकंड और खड़ा रहा। फिर पीछे किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा।
माँ थीं। बाल अभी भी बिखरे, नाइटी वही। (daily sex with hot mommy)
उन्होंने मेरी आँखों का रास्ता देखा – रिया की नंगी पीठ, उनकी उँगली, मेरा खड़ा लंड। माँ के चेहरे पर गुस्सा नहीं आया। उन्होंने सिर्फ़ दरवाज़ा बंद करने का इशारा किया।
फुसफुसाहट में कहा, “माँ, मुझे दोनों सिस्टर्स का फिगर बहुत पसंद है।”
माँ की नज़र एक पल मेरे लंड पर गई, फिर अंदर भाप वाले शीशे पर।
“अच्छा! मैं कुछ उपाय करती हूँ। मदारचोद के साथ बहनचोद बनाने के लिए!”
इतना कहकर वो खड़ी रहीं। मैंने हाथ उनकी गांड पर रखा। नाइटी के नीचे पैंटी नहीं थी। माँ पीछे नहीं हटीं।
मैंने उनके होठ अपने होठों पर रख दिए।
सुबह की पहली चूत अभी सूखी भी नहीं थी, और बाथरूम के उस पार उनकी बेटी अपनी उँगली से वही आग बुझा रही थी।
माँ ने चुंबन तोड़ा। आवाज़ बहुत धीमी रखी, “पहले दरवाज़ा बंद कर मदारचोद! फिर मुझे अपने बिस्तर पर ले चलना!”
चलो अब कहानी बढ़ते हैं जाने आगे क्या हुआ (daily sex with hot mommy)
माँ की फुसफुसाहट अभी कान में गूँज रही थी
पहले दरवाज़ा बंद कर, मदारचोद, फिर मुझे अपने बिस्तर पर ले चलना।
मैंने बिना देर किए बाथरूम का वो दरवाज़ा धीरे से बंद किया, जिसकी दूसरी तरफ़ रिया अभी भी शॉवर के नीचे खड़ी थी।
पानी की आवाज़ दीवार के उस पार साफ़ आ रही थी।
माँ मेरे बिल्कुल पीछे थीं।
नाइटी पतली थी, नीचे पैंटी नहीं थी।
सुबह की उनकी अपनी चूत अभी भी गीली थी
रात वाले वीर्य की नमी और इस नई हवस ने उन्हें एक साथ पकड़ रखा था।
मैंने उन्हें गोद में उठाया। (daily sex with hot mommy)
माँ हल्की थीं, या फिर मेरे हाथों में उस समय ताकत ज़्यादा लग रही थी।
गलियारे से अपने कमरे तक चार कदम थे। दरवाज़ा कंधे से धक्का देकर बंद किया।
माँ को बिस्तर पर लिटाते ही नाइटी ऊपर खिसक गई।
दोनों जाँघें खुल गईं। चूत साफ़ दिख रही थी
रात की सूजन अभी पूरी बैठी नहीं थी, होंठ थोड़े फूले हुए थे, बीच की रेखा चमक रही थी।
माँ ने मेरा सिर पकड़कर अपने चूचो पर रख दिया।
“देख ले मदारचोद, तेरी बहन नंगी उँगली कर रही है उसी बाथरूम में… और तू यहाँ मेरी चूत फाड़ने आया है। शर्म नहीं आती?”
“शर्म सुबह 5 बजे उतर गई थी माँ। जब तूने खुद लंड थामा था।”
माँ हँसी नहीं। उन्होंने टी-शर्ट खींचकर मेरे सिर के ऊपर से निकाल दी।
लुंगी पहले ही कमर से नीचे थी। (daily sex with hot mommy)
खड़ा लंड उनकी जाँघ पर गिर गया।
माँ ने उसे पकड़ा, सुपाड़े पर अंगूठा फेरा, फिर अपनी चूत के मुँह पर रख दिया।
डाल। आज सुबह धीरे चुदाई की ज़रूरत नहीं।
रात को जो चुत तूने फाड़ा है, वो अभी बंद नहीं हुआ।
अंदर घुसा और निकालना मत जब तक मैं न बोलूँ।
मैंने एक झटके में लंड भीतर कर दिया। यह Desi Sex story वाली Parivar ki Chudai Antarvasana Sex Story आप गरम कहानी डॉट कॉम में पढ़ रहे है!
रात की चुदाई से रास्ता बना हुआ था, फिर भी माँ की चूत ने जड़ तक जकड़ लिया।
माँ के मुँह से एक लंबी आवाज़ निकली, दाँत भींच लिए, नाखून मेरी पीठ पर चले। (daily sex with hot mommy)
मैंने एक बूब्स मुँह में लिया, दूसरे को हाथ से मसलने लगा। धक्के छोटे नहीं थे।
बिस्तर की चर्र-चर्र दबाने की कोशिश की, क्योंकि दीवार के उस पार पानी अभी बंद नहीं हुआ था।
“आह… हाँ… वहीं… थोड़ा और अंदर… तेरी बहन को पता नहीं चलना चाहिए कि माँ इस वक्त बेटे के लंड पर बैठी है।”
“पता चल जाए तो?” मैंने साँस के बीच पूछा।
माँ ने आँखें खोलीं। उस निगाह में डर नहीं था।
“तो वो भी सीख लेगी और भाई को बहनचोद बना लेगी! घर की बात घर में रहती है। तू सिर्फ़ चोदता रह।”
10 मिनट वही लय रही।
कभी गहरा, कभी बाहर तक खींचकर फिर जड़ तक।
माँ के बूब्स मेरे मुँह और हाथ में काँपते रहे।
उनकी चूत हर धक्के पर पानी छोड़ रही थी, मेरी जाँघें गीली हो गई थीं।
मैंने रफ़्तार बढ़ाई तो माँ की कमर उठी, दोनों टाँगें मेरे पीछे लिपट गईं।
“अब निकालने वाला है माँ।”
“अंदर ही छोड़। बाहर मत निकालना। सुबह-सुबह मेरी कोख फिर से गर्म हो जाए।” (daily sex with hot mommy)
दो झटके और पिचकारी छूटी।
पूरा वीर्य उनकी चूत में गया।
माँ की एक लंबी सिसकी निकली, शरीर ढीला पड़ा, फिर भी उन्होंने लंड को अंदर ही रखा।
कुछ देर हम वैसे ही पड़े रहे।
बाहर शॉवर की आवाज़ रुक गई।
नल की एक आखिरी बूँद गिरी, फिर खामोशी।
माँ ने धीरे से मुझे सरकाया, चूत से लंड निकला तो सफ़ेद धार उनकी जाँघ पर बह निकली।
पास पड़ा तौलिया उठाकर उन्होंने खुद को पोंछा,
फिर मेरे लंड को भी एक बार साफ़ किया – जल्दी-जल्दी, जैसे कुछ हिसाब पूरा करना हो।
दरवाज़े तक जाते-जाते मुड़ीं। (daily sex with hot mommy)
आवाज़ सामान्य कर ली, जैसे किचन का काम याद आ गया हो।
“मैं तुझे पूछने आई थी – ऑमलेट खाएगा या उबला अंडा?”
मैं बिस्तर पर नंगा लेटा रहा था।
“जो तू बना दे माँ।”
माँ हँसी। नाइटी समेटते हुए कमरे से निकलीं।
जाँघों के बीच अभी भी नमी चमक रही थी।
मैंने उनकी गांड को जाते हुए देखा।
उन्होंने दरवाज़े पर एक बार मुड़कर देखा, मुस्कुराईं, और चली गईं।
बाथरूम का दरवाज़ा फिर खोला।
रिया जा चुकी थीं।
फर्श गीला था, शीशे पर भाप थी,
हवा में साबुन और कुछ और गंध मिली हुई थी।
मैंने शावर खोला, शरीर धोया, और सोचा
दीदी ने दरवाज़ा बंद होते सुना होगा या नहीं।
सुना होगा तो भी वो चुप रही थीं। घर की औरतों का खुलपन अब मुझसे छिपता नहीं था।
रातों की दबी आहें, एक जैसी ड्रेस, माँ का बेटियों के अंडरगारमेंट खुद चुनना
ये सब अचानक जुड़ने लगा था।
पूरा चित्र अभी नहीं था। वो दृश्य बाद में आशा के मुँह से निकला।
उस सुबह मैं सिर्फ़ इतना जानता था
कि इस घर में शर्म की दीवार पहले से दरक चुकी है।
कपड़े बदलकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गया।
थोड़ी देर में माँ नाश्ता लेकर आईं।
वन-पीस मैक्सी पहनी हुई थीं, गला बहुत गहरा।
ट्रे टेबल पर रखते समय उनकी नज़र मेरे चेहरे पर गई, फिर नीचे।
ड्रेस के साइड में कट थे, कमर तक।
वो मेरी बाईं तरफ़ खड़ी हो गईं। (daily sex with hot mommy)
मैं दाएँ हाथ से नाश्ता कर रहा था।
बायाँ हाथ धीरे से उनकी ड्रेस के अंदर चला गया।
माँ हटी नहीं। मेरी कोहनी उनकी जाँघ से छुई, फिर हथेली अंदर सरक गई।
हाथ ऊपर तक गया तो समझ आया
पैंटी फिर नहीं पहनी थी।
सुबह की चुदाई के बाद उन्होंने नीचे कुछ नहीं डाला था।
मैंने दाईं गोलाई सहलाई, फिर बीच की रेखा पर मध्यमा फेरी।
माँ की साँस बदली। उन्होंने आँखें नहीं खोलीं, होंठ काट लिए।
सामने दराज के ऊपर आईना था।
उस आईने में माँ का चेहरा साफ़ दिख रहा था (daily sex with hot mommy)
आँखें बंद, माथे पर हल्का पसीना।
मैंने मध्यमा अंदर कर दी।
चूत रात और सुबह से गरम और ढीली थी, उँगली आसानी से चली गई।
फिर तर्जनी भी साथ डाल दी।
जिम की वजह से उँगलियाँ मोटी हो चुकी थीं।
माँ की टाँगें धीरे-धीरे सिमटने लगीं, दोनों उँगलियाँ भीतर तक समा गईं।
रफ़्तार बढ़ाई। हथेली भीग गई।
1/2 मिनट में माँ का पानी मेरे हाथ पर आ गया।
आईने में उनका चेहरा पूरा पसीने-पसीने था।
माँ ने आँखें खोलीं, आवाज़ बहुत धीमी रखी।
“पिछले 10 घंटे में तूने मुझे 3 बार चोदा है। फिर भी तेरा जी नहीं भरता।”
“क्या करूँ माँ, ये लंड माँगे मोर। इस घर की तीनों औरतों का फिगर ही कुछ ऐसा है।”
तभी रिया की आवाज़ हॉल से आई, “माँ, मेरा नाश्ता तैयार है क्या?”
माँ ने मेरा हाथ अपनी ड्रेस से बाहर निकाला, (daily sex with hot mommy)
जैसे कुछ गिरा हो। “अभी नहीं, 10 मिनट लगेंगे।”
मैंने गीली हथेली टेबल पर पड़े नैपकिन से पोंछी और नाश्ता खत्म करने लगा।
उठने ही वाला था कि सामने से रिया इंटरव्यू के कपड़ों में निकलकर आईं।
black शर्ट, blue ट्राउज़र। शर्ट के ऊपर के दो बटन खुले थे।
उस खुलेपन से चूचो की गोलाई साफ़ उठ रही थी।
मैं तुरंत कुर्सी पर बैठ गया। दीदी मेरे सामने वाली कुर्सी पर आ बैठीं।
“तू आज कहाँ जा रहा है?”
“एक दोस्त से मिलने।
“मुझे इंटरव्यू के लिए छोड़ देगा? प्लीज़।”
“जाना कहाँ है?”
“नोएडा। एक एमएनसी का दफ़्तर है।”
“ठीक है, छोड़ दूँगा।” (daily sex with hot mommy)
मेरी निगाह उनके खुले बटनों पर थी। दीदी ने नोट कर लिया।
उन्होंने कुछ बटन बंद किए, ऊपर के दो फिर खुले छोड़ दिए। माँ चाय लेकर आईं।
“तुझे नाश्ते के साथ कॉफ़ी चाहिए या चाय?”
“चाय।”
माँ ने शर्ट की तरफ़ देखा, “ज़रा अपने शर्ट के बटन बंद कर ले।”
रिया ने चम्मच हिलाते हुए कहा, “माँ, ये इंटरव्यू की नई ट्रिक है। जब ये दो बटन खुले हों तो बॉस सीवी पर कम ध्यान देते हैं।”
“तू और तेरी ट्रिक।”
रिया ने जल्दी नाश्ता खत्म किया, फिर मुझसे पूछा, “कैसी लग रही हूँ?”
“ये जॉब आपको मिल ही जाएगी। अगर बॉस कोई मेल हुआ तो और भी जल्दी।”
दीदी मुस्कुराईं। वो मुस्कान शर्मीली कम, हिसाब वाली ज़्यादा लगी।
हम दोनों निकले। बाइक पर दीदी मेरे पीछे बैठीं।
बांद्रा के दफ़्तर के गेट तक छोड़ आया।
उतरते समय उन्होंने सारे बटन बंद कर लिए। मैंने कुछ नहीं पूछा।
दोस्त के घर से दोपहर कट गई। (daily sex with hot mommy)
जिम करके शाम साढ़े 8 बजे घर लौटा।
जूते उतारे, हॉल में कदम रखा और रुक गया।
सोफे पर एक औरत बैठी थी।
बहुत हॉट। उसके साथ एक लड़की थी नताशा, रिया की सबसे अच्छी सहेली।
बगल में बैठी सेक्सी औरत उसकी माँ थीं।
मेरी निगाह उनकी क्लीवेज पर अटक गई और हटी नहीं।
रिया ने कहा, ये है मेरा भाई कबीर।
“नमस्ते आंटी।”
मुस्कुराकर जवाब दिया, “नमस्ते बेटा। कैसे हो? हम आपकी सिस्टर्स को नताशा की शादी का निमंत्रण देने आए हैं।
अगले हफ़्ते इसकी शादी है। आपको अपनी दोनों बहनों के साथ आना है।”
“शादी कहाँ है?”
“ऋषिकेश में।” (daily sex with hot mommy)
“अरे वाह! ऋषिकेश तो बहुत खूबसूरत है। मैं ज़रूर आती… पर घर पर माँ के साथ भी किसी का होना ज़रूरी है।”
मेरी नज़रें उनके क्लीवेज पर टिकी थीं।
आंटी ने यह देख लिया।
उन्होंने अपनी साड़ी का पल्लू तो ठीक किया, लेकिन अपने सीने को पूरी तरह ढकने की कोई कोशिश नहीं की।
“खैर, अब हम चलते हैं। हमें 5-6 और जगहों पर जाना है।”
वह खड़ी हो गईं। जाते-जाते वह एक बार फिर मुड़ीं।
उनकी उस नज़र में शादी से कहीं ज़्यादा का निमंत्रण था। (daily sex with hot mommy)
मैं हॉल से निकलकर अपने कमरे में गया और शॉवर चालू कर दिया।
जैसे ही पानी गिरा, मेरे दिमाग में एक साथ तीन तस्वीरें घूमने लगीं
उस सुबह बिस्तर पर माँ की खुली हुई चूत, टेबल के नीचे वह गीली हथेली, और सोफे पर बैठी आंटी का खुला हुआ क्लीवेज।
शॉवर के बाद जब मैं हॉल में लौटा,
तो मेरी दोनों बहनें डाइनिंग टेबल पर ऋषिकेश जाने के प्लान पर चर्चा कर रही थीं।
रिया कह रही थी कि चूँकि फंक्शन मंगलवार को है, इसलिए उन्हें सोमवार को पहुँच जाना चाहिए।
दीया सुझाव दे रही थी कि उन्हें शुक्रवार शाम को निकलना चाहिए ताकि शनिवार सुबह तक ऋषिकेश पहुँच सकें।
“माँ कहाँ हैं?”
“किचन में, रात का खाना बना रही हैं।”
मैं किचन की ओर गया।
माँ स्टोव के पास खड़ी थीं।
उन्होंने वही ड्रेस पहनी हुई थी जो सुबह पहनी थी वही ड्रेस जिसमें कमर तक लंबा साइड स्लिट था।
मुझे देखकर वह मुस्कुराईं। (daily sex with hot mommy)
“तुम आ गए।”
“हाँ, नताशा की माँ के जाते ही मैं आ गया था।”
“5-10 मिनट में खाना तैयार हो जाएगा।”
“क्या मैं किसी चीज़ में मदद कर सकता हूँ?”
“हाँ, बस सलाद काट दो।”
“खीरा, गाजर और हरी सब्ज़ियाँ कहाँ हैं?”
“फ्रिज में हैं।” फ्रिज किचन के एकदम बाईं ओर कोने में था।
वहाँ तक पहुँचने के लिए मुझे माँ के बगल से निकलना पड़ा।
मैंने शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहने हुए थे।
माँ स्टोव के नीचे वाली शेल्फ से सलाद की ट्रे निकाल रही थीं।
जैसे ही मैं उनके पीछे पहुँचा, मैंने अपना हाथ उनकी कमर पर रखा
और उनकी ड्रेस को बाईं ओर खिसका दिया। (daily sex with hot mommy)
उसके नीचे, उन्होंने बहुत मुलायम कपड़े से बने टाइट शॉर्ट्स पहने हुए थे।
मैंने अपना हाथ उनके चूतड़ों पर रखा और उन्हें दबाया।
माँ उसी मुद्रा में जम गईं। मुझे हरी झंडी मिल गई थी।
मैंने कुछ बार गोल-गोल हाथ घुमाया, फिर उनके शॉर्ट्स नीचे खिसका दिए।
उनके गोरे गांड ठीक मेरी आँखों के सामने थे।
मैंने अपनी उंगली उनकी पुसी पर फेरी।
माँ पीछे नहीं हटीं; हम दोनों कामुकता में डूबे हुए थे।
तभी, दीया की आवाज़ सुनाई दी।
“माँ, मुझे बहुत ज़ोरों की भूख लगी है। प्लीज़ जल्दी खाना परोस दो।”
मैं जल्दी से फ्रिज की ओर खिसक गया।
माँ सीधी खड़ी हुईं और अपने काम में लग गईं। (daily sex with hot mommy)
उन्होंने खुद ही अपने शॉर्ट्स वापस ऊपर खींच लिए, हालाँकि उनकी साँसें अभी भी तेज़ चल रही थीं।
जब मैं सलाद की प्लेट लेकर डाइनिंग टेबल की ओर बढ़ा,
तो मेरे शॉर्ट्स में साफ़ उभार दिख रहा था। रिया ने उसे देख लिया।
“लगता है आजकल कोई बहुत मेहनत कर रहा है।”
तुम दोनों ‘रानियाँ’ कभी माँ की मदद नहीं करतीं।
और अगर कोई और करता है, तो तुम्हें उससे दिक्कत होती है?
रिया ने अपना कप उठाया।
तुम्हें कौन रोक रहा है?
असल में हम तो चाहते हैं कि तुम हर चीज़ में माँ की मदद करो।
दीया ने बीच में ही कहा, “रिया, तुम्हारे इंटरव्यू का क्या हुआ?”
“मेरा फ़ाइनल राउंड के लिए सिलेक्शन हो गया। फ़ाइनेंस में।”
“गुड लक।”
माँ खाना लेकर आईं।
उस रात खाने में नॉन-वेज था।
खाते समय, टेबल के नीचे माँ का पैर मेरे पैर से छूआ और फिर हट गया।
दीया फिर मुस्कुराई। रिया चुप रही, (daily sex with hot mommy)
लेकिन उसकी नज़रें मेरे चेहरे पर आम तौर से ज़्यादा देर तक टिकी रहीं।
टेबल साफ़ करने के बाद,
मैं अपने कमरे में लैपटॉप खोलकर बैठ गया।
मुझे एक फ़ाइल अपडेट करनी थी। लगभग 10:15 बज रहे थे।
माँ दरवाज़े पर खड़ी थीं।
“कबीर बेटा, क्या तुम आज रात सोओगे नहीं?”
माँ, आज रात मेरे बेडरूम में सो जाओ। यहाँ भी डबल बेड है।
मुझे बस एक फ़ाइल अपडेट करनी है। इसमें 15-20 मिनट लगेंगे।
“ठीक है। मैं कपड़े बदलकर थोड़ी देर में आती हूँ। मुझे 5 मिनट दो।
“ठीक है माँ। तब तक मेरा काम भी हो जाएगा।”
दरवाज़ा बंद हो गया। मैंने जल्दी से फ़ाइल का काम पूरा किया। 5 मिनट बाद माँ आ गईं।
उन्होंने छोटी सी नाइटी पहनी हुई थी (daily sex with hot mommy)
उससे उनकी जाँघें भी पूरी तरह नहीं ढकी थीं।
मैंने बेडरूम का दरवाज़ा बंद किया,
मेन लाइट बंद की, डिम लाइट जलाई, कपड़े बदलने के लिए बाथरूम गया,
शरीर का निचला हिस्सा धोया और बॉक्सर पहनकर बाहर आया।
माँ बाईं ओर मुँह करके बिस्तर पर लेटी हुई थीं।
उनकी नाइटी ऊपर खिसककर पैंटी तक आ गई थी।
मैं बाईं ओर लेट गया।
नींद का तो नामो-निशान नहीं था। (daily sex with hot mommy)
पिछली रात और आज सुबह का प्यार-मुहब्बत का पल मेरे दिमाग में बार-बार घूम रहा था।
मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
माँ सोई हुई लग रही थीं, लेकिन वह बिस्तर के बीच में खिसक गई थीं।
उनकी पीठ मेरी तरफ थी।
मैं उनके करीब सट गया।
मेरा खड़ा लंड उनके चूतड़ों को छू रहा था
उनकी पैंटी उनके चूतड़ों के बीच फंसी हुई थी।
मैंने अपने बॉक्सर्स से लंड बाहर निकाला और उसे उनके चूतड़ों से सटा दिया।
माँ के होंठों से एक हल्की सी आवाज़ निकली, “आह…”
वह जाग रही थीं।
माँ ने अपने गांड पीछे की ओर खिसकाए।
उन्होंने खुद ही मेरा दाहिना हाथ अपने चूचो पर रखा।
मैंने उन्हें दबाना शुरू किया। थोड़ी देर बाद, वह पीठ के बल पलट गईं।
उनकी आँखें बंद थीं, और उनकी पैंटी साफ़ दिख रही थी।
मैंने सीधे उनकी पैंटी पर ही किस किया!
उन्होंने कोई ऐतराज़ नहीं किया। (daily sex with hot mommy)
उनकी नाइटी सिल्क की थी; एक झटके में वह ऊपर गर्दन तक खिसक गई,
जिससे दोनों बूब्स बाहर आ गए।
मैंने एक बूब्स को मुँह में लिया और दूसरे को हाथ से दबाने लगा। माँ की कराहें तेज़ होने लगीं।
मैंने उनके पेट पर किस किया और नीचे की ओर बढ़ा, अपनी जीभ उनकी पैंटी पर फिराई।
फिर, मैंने उसे खिसकाकर उनके पैरों तक कर दिया।
उनकी चूत मुलायम, बारीक बालों से ढकी हुई थी, और उनके होंठ चमक रहे थे और गीले थे।
मैंने उनके पैर फैलाए और अपनी उंगलियाँ उनकी लेबिया पर फेरीं। माँ ने तकिया कसकर पकड़ लिया।
मैंने अपने होंठ उनकी चूत पर दबाए।
माँ के मुँह से एक बेदम, ज़ोरदार चीख निकली,
“आह… आह… बेटा, तुम क्या कर रहे हो?
मैंने ऐसा मज़ा पहले कभी महसूस नहीं किया।”
“माँ, आज मैं तुम्हें वो हर मज़ा दूँगा जिसकी तुम हकदार हो।”
इसे चाटो, बेटा… चाटो और पूरा पी जाओ।
आज मेरी चूत में बचे अमृत की हर एक बूंद पी लो।
सालों से मेरी चूत इसी सुख के लिए तरस रही थी। (daily sex with hot mommy)
मैं चाटता रहा। माँ सुख से तड़पने लगीं, जैसे पानी से बाहर निकली मछली तड़पती है।
कुछ देर तक रस का मज़ा लेने के बाद, मैंने अपने बॉक्सर उतारे और अपना लंड उनके मुँह के पास ले गया।
हम ’69’ पोज़िशन में आ गए।
पहले तो माँ ने मुँह नहीं खोला, लेकिन जब मैंने अपना लंड उनके होंठों से छुआया, तो उन्होंने मुँह खोला और चूसने लगीं।
5 मिनट बाद, माँ का शरीर अकड़ गया और उनकी चूत से रस निकला; मैंने उसे पी लिया।
वह बड़े जोश के साथ मेरा लंड चूसती रही।
10 मिनट बाद, ज़ोरदार फव्वारा छूटा और माँ का मुँह वीर्य से भर गया।
उन्होंने सब निगल लिया, फिर मेरा लंड चाटकर साफ़ कर दिया।
मैं सीधा हुआ और उनके होंठों पर किस किया।
साँस लेते हुए माँ बोलीं, “मुझे सच में बहुत मज़ा आया।”
“मेरा अनुभव भी आज कमाल का था।” (daily sex with hot mommy)
“तुम्हारा लंड इतना बड़ा कैसे हो गया?”
“पता नहीं। मैं रोज़ सरसों के तेल से इसकी मालिश करता हूँ।”
माँ ने मेरा हाथ अपने चूचो पर रखा और खुद मेरे लंड को सहलाने लगीं।
हमारे होंठ 5/7 मिनट तक जुड़े रहे।
फिर मैं नीचे खिसका और उनकी क्लिटोरिस को अपने मुँह में ले लिया।
माँ कराह उठीं, “आह, बेटा… थोड़ा धीरे…”
उस आवाज़ ने मेरा जोश और बढ़ा दिया।
मैंने उनकी पूरी चूत को अपने मुँह में लिया और चाटा; माँ के शरीर में झटके लगे।
“आह… आह… बहुत अच्छा लग रहा है।
चूसते रहो… सारा रस पी जाओ।
सालों हो गए मेरी चूत इतनी गीली हुए।”
उन्हें चाटने के बाद, मैं उनके पैरों के बीच आया और अपने लंड का सिरा उनकी चूत के मुहाने पर रखा।
माँ ने आँखें बंद कर लीं, होंठ भींच लिए और कानों पर तकिया रख लिया।
यह हरी झंडी थी।
मैंने ज़ोर से धक्का दिया चाटने की वजह से उसकी चूत इतनी गीली हो गई थी कि मेरा लंड एक ही बार में पूरा अंदर चला गया।
मैंने धीरे-धीरे धक्के देना शुरू किया।
फिर मैं ऊपर बढ़ा, उसके होंठ चूमे और गति बढ़ा दी।
थोड़ी देर बाद, मेरा वीर्यपात हो गया और मैं करवट लेकर लेट गया।
छत की ओर देखते हुए माँ ने कहा, “इतने सालों बाद, आज मैंने आखिरकार सेक्स का असली मज़ा लिया है।”
“माँ, मैंने अपना वीर्य तुम्हारी चूत के अंदर गिरा दिया है। अगर तुम प्रेग्नेंट हो गईं तो?”
माँ हँसी और अपने बालों में उंगलियाँ फिराईं। (daily sex with hot mommy)
“अरे, नासमझ लड़के, मेरा तो 17 साल पहले ही ऑपरेशन हो चुका है।”
ओह, तब तो अच्छी बात है।
अब से, जब भी मैं तुम्हारे साथ सेक्स करूँगा, मैं अपना वीर्य तुम्हारे अंदर ही गिराऊँगा।
हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में लिपटे हुए, बिना कपड़ों के सो गए।
सुबह, माँ मुझे आवाज़ दे रही थीं।
मैंने कोई जवाब नहीं दिया; बस तकिया अपने चेहरे पर खींच लिया।
माँ भूल गई थीं कि मैं बिल्कुल नंगा सोया था।
उन्होंने मुझे जगाने के लिए रिया को भेजा।
रिया कमरे में आई और मुँह खुला का खुला रह गया।
मेरा लंड पूरी तरह खड़ा था।
वह एक पल के लिए देखती रही, फिर उसने हाथ बढ़ाया, मेरा लंड पकड़ा और धीरे-धीरे अपना हाथ ऊपर-नीचे करने लगी। अच्छा लगने लगा।
मैंने धीरे से आँखें खोलीं
रिया अपना मुँह मेरे लंड के पास ले आई थी।
ठीक उसी पल, माँ कमरे में आ गईं।
उन्होंने रिया के कंधे पर हाथ रखा।
रिया तेज़ी से मुड़ी और बाहर चली गई।
माँ ने मुझे कंबल से ढका और कमरे से बाहर चली गईं। (daily sex with hot mommy)
हॉल से आवाज़ें आने लगीं। माँ पूछ रही थीं, “क्या हुआ, रिया?”
रिया की आवाज़ कांप रही थी।
“माँ, क्या तुमने देखा? भैया कैसे बिल्कुल नग्न सो रहे थे?”
“हाँ, वह रोज़ ऐसे ही सोते हैं।”
“लेकिन कल रात तो वह तुम्हारे साथ सोए थे, है ना?”
“हाँ। लेकिन जागने के बाद वह अपने कमरे में वापस चला गया था।”
कहानी का अगला भाग: sister fucking (part 4)
बातचीत गहरी होती जा रही थी।
मैं बस बाथरूम का दरवाज़ा खोलने ही वाला था कि रुक गया।
दीवार के दूसरी तरफ़ माँ और बेटी उसी बात पर चर्चा कर रही थीं जो इस घर को हमेशा के लिए बदलने वाली थी। (daily sex with hot mommy)
ऐसी और अधिक भारतीय सेक्स कहानियों को हिंदी और अंग्रेजी में पढ़ने के लिए वाइल्ड desinightfun.com पर जाएं।
