teacher ke sath pehli chudai: शायद ही हमारे बैच में ऐसा कोई लड़का रहा होगा जो शालू मैडम को पीछे से देखकर डिस्ट्रैक्ट न होता हो। वो थी ही ऐसी।
जब मैं जूनियर कॉलेज में आया तो मैंने सोचा कि इस साल खूब पढ़ाऊंगा और रोज कॉलेज जाऊंगा।
लेकिन जब पहले दिन क्लास में एंटर किया तो रोज कॉलेज आने का नया बहाना मिल गया।
और वो बहाना थी हमारी क्लास टीचर शालू मैडम।
इंग्लिश की टीचर थी और सबसे बहुत अच्छे से बात करती थी।
गुस्सा होने की बात भी हस के ताल देती थी।
teacher ke sath pehli chudai ki kahani
लेकिन दिखने में भी उतनी ही अच्छी थी। जल्दी ही मुझे पता चल गया कि क्लास में मैं अकेला नहीं हूँ
जो हफ़्ते में 7 दिन इंग्लिश की क्लास करना चाहता है।
लेकिन जब कॉम्पिटिशन ज़्यादा हो तो कुछ अलग करना पड़ता है, और वैसा ही मैंने किया।
सारे लोग इसे शायद छपा या बटरिंग कहेंगे लेकिन मैं इसे मैडम की हेल्प करना कहता हूँ।
सुबह क्लास में जल्दी आना। छुट्टी में घर जाने से पहले मैडम का सारा सामान रखना
और भी ऐसे काम में करने लगा। ऐसे ही एक दिन जब मैं कॉलेज आया तो क्लास में कोई नहीं था।
लेकिन आज क्लास में मैडम भी नहीं थी। तभी अचानक मुझे दरवाज़े के पीछे से कुछ आवाज़ आई।
मैंने देखा तो देखता ही रह गया। शालू मैडम खड़ी थीं।
उनकी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा हुआ था और उन्होंने साड़ी को कमर के पास पकड़ा हुआ था।
अचानक से उन्होंने मेरी तरफ देखा और मैं नज़र चुरा के वहाँ से हट गया।
जब मैडम बाहर आईं तो उन्होंने कहा, आज जल्दी जल्दी में उनकी साड़ी ठीक से नहीं बनी थी
तो मैं उसको ठीक कर रही थी। फिर उन्होंने बहुत धीमी आवाज़ में मुझसे पूछा तुम किसी को बताओगे तो नहीं
मैंने आँख बंद करते हुए सर झुकाया के उन्हें यह कहा कि मैं किसी को नहीं बताऊंगा।
लेकिन सच तो यह था कि मैडम के उस रूप के बारे में मैं अपने सारे दोस्तों को बताना चाहता था।
पर मैंने मैडम की बात मानते हुए इस बात को सीक्रेट रखा।
लेकिन इस दिन के बाद से मैडम की तरफ जो मेरा अट्रैक्शन था वो और बढ़ने लगा।
एक दिन जब मैं छुट्टी में घर जा रहा था तो गलती से मेरे हाथ मैडम की गांड पे टच हो गया।
मैडम को जैसे झटका लग गया। वो अचानक से मुड़ी और मुझे घूरने लगी। पर उनकी आँखों में कोई गुस्सा नहीं था।
इसके बाद कई बार मैंने जान-बूझकर मैडम को टच करने की कोशिश की।
लेकिन मैडम कभी कुछ नहीं बोलती थीं। शायद वो यही समझती थीं कि गलती से टच हो गया।
एक दिन जब मैं सुबह क्लास में गया तो मेरे होश ही उड़ गए।
मैडम उस दिन ब्लैक कलर की इतनी सेक्सी साड़ी पहनकर आई थीं
कि मेरा क्या, टीचर का भी मुँह खुला रह जाए।
आज उन्होंने साड़ी कुछ अलग तरीके से पहनी थी और टाइट भी।
उसमें स्लीवलेस ब्लाउज। मैडम के बूब्स का साइज़ तो मुझे नहीं पता।
लेकिन उस दिन उनका शेप बहुत क्लियरली समझ आ रहा था।
और टाइट साड़ी में उनकी गांड कुछ ज्यादा ही बड़ी लग रही थी।
आज मैडम ने परफ्यूम भी लगाया था। क्लास में घुसे ही परफ्यूम की महक मेरे नाक तक आ गई।
मैंने मैडम से कहा, मैम आज कुछ खास है क्या। आज आप कुछ अलग लग रही हैं
मैडम ने जवाब दिया कि आज उनका बर्थडे है। मैंने देखा कैसे हर एक लड़का जो क्लास में आ रहा था
उसकी नज़र मैडम से हट ही नहीं रही थी। सुबह असेंबली के टाइम सारी क्लास नीचे ग्राउंड में चली गई।
और मैं रोज़ की तरह मैडम का इंतज़ार कर रहा था लास्ट में।
मैं क्लास के दरवाज़े पे खड़ा था और मैडम अलमारी के पीछे कुछ कर रही थी।
अब हमारी क्लास में अलमारी कुछ ऐसी लगी थी कि अगर अलमारी का दरवाज़ा खुला है
तो उसके पीछे आप कुछ नहीं देख सकते।
तो मुझे भी मैडम नहीं दिख रही थी लेकिन मैडम बहुत टाइम ले रही थी
तो मैं उनके पास चला गया। वहाँ देखा कि मैडम फ़ोन पर बात कर रही थी।
किससे और क्या बात कर रही थी यह तो मैंने ध्यान नहीं दिया लेकिन उनकी आवाज़ कुछ उदास लग रही थी।
पर मेरी नज़र तो नीचे थी। जब उन्होंने फ़ोन रखा तो मैंने उनसे बोला कि मैडम असेंबली में जाना है।
तो उन्होंने बोला कि वो अलमारी के ऊपर वाले शेल्फ़ से कुछ निकल रही थी जो मिल नहीं रहा।
उन्हें पता नहीं था कि मैंने उनसे बात करते हुए देखा था। मैंने उनसे बोला कि मैं उनकी मदद करता हूँ।
मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि मैडम के पीछे रहूँगा तो शायद मैडम की गांड टच हो जाए।
लेकिन यह मैंने सोचा ही नहीं था कि मेरा लंड मैडम की गांड से टच हो जाएगा।
मैं भी सामान खोजने के बहाने अपना लंड थोड़ा रगड़ने लगा
और धीरे-धीरे वो बिल्कुल खड़ा हो गया।
पर मैंने नोटिस किया कि मैडम कुछ नहीं बोल रही थी।
जैसे ही मैंने मैडम की तरफ देखा तो मैडम की आँखें बंद थीं।
जैसे वो भी इसे एन्जॉय कर रही हो।
मैंने अचानक से बोला कि वो सामान नहीं मिल रहा।
मैडम थोड़ा चौंक गई। फिर मैं वहाँ से जाने लगा तो मैडम ने मुझे रोक लिया।
मुझे अपनी तरफ घुमाया और इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाता, मैडम के होंठ मेरे होंठ पे थे।
वैसे तो वो किस कुछ सेकंड की थी लेकिन उतने में ही जैसे जन्नत देख ली हो।
मैडम ने अचानक से मुझे दूर किया और मुझसे बोली, सेक्स करोगे
पहले तो मुझे अपनी कानों पे विश्वास नहीं हुआ।
लेकिन मैं ऐसे ऑफर को कैसे मानता हूँ।
मैंने सिर्फ सिर हिला दिया।
मैडम मुझे फिर से किस करने लगी और इस बार हमारी जीभ आपस में लड़ रही थी।
किस करते करते ही मैडम ने मेरे हाथ अपने बूब्स पे रख दिया और मेरी पैंट की बटन खोल दी।
मैंने मैडम के बूब्स दबाने लगा और मैडम ने मेरा लंड बाहर निकाल लिया।
जैसे ही उन्होंने मेरे लंड को छुआ, मेरे शरीर में बिजली दौड़ गई।
किस करते करते ही मैडम मेरा लंड हिलाने लगी।
फिर हमने किस तोड़ी और मैंने मैडम की ब्लाउज खोल दी।
अंदर हल्के गुलाबी रंग की ब्रा थी जिसमें से उनके सफेद nipples झांक रहे थे।
एक ही बार में मैंने उसे भी उतार दिया और सामने थे छोटे छोटे काले निपल्स जो बिल्कुल खड़े थे।
मैंने तुरंत अपना मुँह उनके चूहे पे रख दिया। फिर उन्होंने मेरे कान में कहा, अब और नहीं रुक सकती।
बस फिर मैंने उन्हें उल्टा घुमाया और उनकी गांड को दबाना शुरू कर दिया।
उनकी गांड सॉफ्ट थी। मान कर रहा था दबाते ही जाऊं।
लेकिन टाइम कम था तो मैंने उनकी साड़ी ऊपर कर दी।
अंदर मैचिंग कलर की पैंटी थी। मैंने उसे नीचे किया।
उनकी नंगी गांड और भी कामुक लग रही थी।
और उसके नीचे थी वो गीली गुफा जिसमें मुझे जाना था।
मुझे लंड अंदर डालने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी।
तो मैडम ने कहा, पहली बार है क्या मैंने जवाब दिया है।
तो मैडम ने अपने हाथ से मेरा लंड अपनी चूत के ऊपर रख दिया।
वो इतनी गीली थी कि एक बार धक्का देने पर ही लंड पूरा अंदर चला गया।
उसके अंदर जाते ही मैडम के मुँह सिसकारी निकल गई।
मैंने अंदर बाहर करना चालू किया।
तो मैडम की सिसकारी बढ़ने लगी और अब वो मेरा नाम लेने लगी।
लेकिन आवाज़ ज़्यादा न हो इसलिए उन्होंने अपना हाथ अपने मुँह में डाल दिया।
मेरी मदद करने के लिए उन्होंने अपना एक पैर ऊपर उठा लिया।
अब मैं पूरी स्पीड में उन्हें चोदने लगा।
जब मैं झड़ने के करीब होता तो मैं लंड बाहर निकाल लेता
फिर थोड़ी देर बाद अंदर डाल देता।
ऐसे मैं देर तक छोड़ पा रहा था। फिर जब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने मैडम से पूछा कि कहाँ निकालूँ।
मैडम मेरी तरफ मुड़ के नीचे बैठ गई। मैडम ने बोला कि मेरे सीने पे निकाल दो।
मैंने बात मानते हुए अपना पूरा माल मैडम के चुचों पे गिरा दिया।
फिर मैडम ने अपने बैग से टिशू पेपर निकालकर अपने को साफ किया।
साफ करते-करते उन्होंने बताया कि उनका आज उनके बॉयफ्रेंड के साथ sex का प्लान था।
लेकिन उसने प्लान कैंसिल कर दिया। और मैडम बहुत हॉर्नी थीं।
तो जब मैंने लंड उनकी गांड पर रगड़ा तो उन्हें कंट्रोल नहीं हुआ।
इससे पहले कि असेंबली खत्म होती हमने कपड़े पहनने के लिए।
मैंने आखिरी बार मैडम के होंठ चूसे और फिर हम दोनों भी असेंबली में चले गए।
हमने फिर से सेक्स करने का प्लान तो बनाया था पर उसके बाद कभी मौका नहीं मिला।
शालू मैडम के साथ यह मेरा पहला और आखिरी एक्सपीरियंस बन गया।
लेकिन इसके बाद से हमारा रिश्ता ज़रूर गहरा हो गया।
आज की कहानी में बस इतना ही।
ऐसी और अधिक भारतीय सेक्स कहानियों को हिंदी और अंग्रेजी में पढ़ने के लिए desinightfun.com पर जाएं।
